अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ
(अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ से सम्बद्ध)
जयपुर। दिवाली से ठीक पहले राज्य सरकार ने बोर्ड, निगमों, विश्वविद्यालयों और स्वायत्तशासी संस्थाओं के कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ा झटका दिया है। वित्त विभाग की ओर से जारी नए आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि:
👉 जिन संस्थाओं की वित्तीय स्थिति कमजोर है, वे पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू न करें और पूर्व में लागू एनपीएस (NPS), सीपीएफ या ईपीएफ प्रणाली को फिर से लागू करें।
👉 यह फैसला सीधे तौर पर कांग्रेस शासन में 2023 से शुरू हुई जीपीएफ लिंक्ड पेंशन स्कीम और जून 2025 में मिली ओपीएस लागू करने की स्वीकृति से पीछे हटना है।
कर्मचारी महासंघ का रुख: यह हमें मंजूर नहीं!
इस अन्यायपूर्ण आदेश की अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कड़ी निंदा की है। सहायक कर्मचारी महासंघ सहित सभी संबद्ध संगठनों का स्पष्ट मत है कि:
1. संस्थानों की कमजोरी का बोझ कर्मचारियों पर न डाला जाए। सरकार इन्हें आर्थिक सहायता देकर ओपीएस जारी रखे।
2. यह आदेश हमारे बुढ़ापे की सुरक्षा को दांव पर लगाता है। हम पूरे राजस्थान में हो रहे एनपीएस विरोध में शामिल हैं और इस आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग करते हैं।
समस्त कर्मचारी संघ एवं कर्मचारी साथी, जैसलमेर

