🔥 दीपावली पर सरकार का “काला तोहफा” 🔥
कर्मचारियों के भविष्य पर चोट — पुरानी पेंशन योजना से पीछे हटी सरकार
📰 जयपुर से आई ताजा खबर
जयपुर। दिवाली से ठीक पहले राज्य सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने बोर्ड, निगम, विश्वविद्यालयों, स्वायत्तशासी संस्थाओं और राजकीय उपक्रमों में लागू की गई पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) से पीछे हटते हुए नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस), सीपीएफ और ईपीएफ प्रणाली को फिर से लागू करने का निर्णय लिया है।
यह फैसला कर्मचारियों के लिए उस दीपावली का “काला तोहफा” बनकर आया है। भजनलाल सरकार ने वह सहारा भी छीन लिया जो एक कर्मचारी अपने बुढ़ापे में चाहता है। ओपीएस सिर्फ पेंशन नहीं — यह हमारे जीवन की लाठी है, हमारा भविष्य है।
🎙️ कर्मचारियों की आवाज़ — राम प्रताप सियाग
साथियो! क्रांतिकारी साथियो, नमस्कार 🙏 आज हम यहाँ एकत्रित हुए हैं क्योंकि हमारी बुढ़ापे की लाठी को सरकार ने छीनने का प्रयास किया है। दिवाली के समय जब लोग खुशियाँ बाँट रहे हैं, उसी समय सरकार ने एनपीएस का जाल फैलाकर हमारे भविष्य को अंधकार में ढकेल दिया है। हम सरकार से कहना चाहते हैं — यह निर्णय हमें स्वीकार नहीं!
📋 हमारी मुख्य माँगें
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल किया जाए।
- जहाँ-जहाँ ठेका प्रणाली लागू है, उसे तुरंत समाप्त किया जाए।
- सभी अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
- सरकार एनपीएस में जमा राशि कर्मचारियों को ब्याज सहित लौटाए।
- पुरानी पेंशन योजना की सुरक्षा के लिए स्थायी कानून बने।
📢 कल का आह्वान
सभी साथियों से अपील है कि 15 अक्टूबर 2025 को होने वाले चेतना ध्यान आकर्षण धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहें। आज ही सभी साथी अपने-अपने ब्लॉक स्तर पर आकस्मिक अवकाश हेतु आवेदन प्रस्तुत करें। प्रत्येक सरपंच संघ, पंचायत समिति व सहायक कर्मचारी संघ के साथी एकजुट होकर इस आंदोलन को सफल बनाएं। यह केवल विरोध नहीं — यह हमारा भविष्य बचाने का अभियान है।
✊ हमारे नारे
“पुरानी पेंशन वापस लो — कर्मचारियों का भविष्य बचाओ!”
“ठेका हटाओ — रोजगार दो!”
“NPS नहीं चलेगा — OPS चाहिए!”
जिला अध्यक्ष
सहायक कर्मचारी संघ, जैसलमेर

