अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत)
जिला अध्यक्ष, जैसलमेर
राम प्रताप सियाग
प्रति,
माननीय मुख्यमंत्री महोदय,
राजस्थान सरकार, जयपुर।
विषय: ठेका प्रणाली समाप्त कर कर्मचारियों को नियमित करने संबंधी निवेदन।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय,
मैं राम प्रताप सियाग, अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत), जिला अध्यक्ष – जैसलमेर के रूप में यह पत्र आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूं। राजस्थान में आज ठेका प्रणाली कर्मचारियों के लिए अभिशाप बन चुकी है। ठेकेदारों के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी शोषण, असुरक्षा और कम वेतन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
कर्मचारियों से तीन-तीन महीने की “परीक्षण अवधि” के नाम पर मुफ्त में काम करवाया जाता है। कई बार महीनों तक वेतन नहीं दिया जाता और जब मांग की जाती है, तो कहा जाता है – “काम ठीक नहीं किया, बाहर जाओ।” यह न केवल अन्याय है बल्कि मानवीय गरिमा के विरुद्ध भी है।
सरकार से मेरा निवेदन है कि ठेका प्रणाली को सरकारी विभागों से समाप्त कर नियमित नियुक्तियां की जाएं। समान कार्य के लिए समान वेतन की नीति को लागू किया जाए। दीपावली जैसे पर्वों पर इन कर्मचारियों को सम्मान और प्रोत्साहन दिया जाए, न कि नौकरी से निकालने की धमकी।
ठेका कर्मचारियों के शोषण के कारण सरकारी व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। अस्थिर कर्मचारी जनता को समर्पित सेवा नहीं दे पाते, जिससे शासन की साख पर भी प्रश्न उठता है।
इसलिए, मुख्यमंत्री जी, मैं आपसे आग्रह करता हूं कि इस ठेका प्रणाली की समीक्षा करते हुए इसे समाप्त करने के लिए ठोस निर्णय लिया जाए। अन्यथा, राज्यभर में ठेका और नियमित कर्मचारियों का संयुक्त आंदोलन शुरू करने के लिए हम बाध्य होंगे।
हमारा संघर्ष न्याय के लिए है, हमारे कर्मयोगियों के सम्मान के लिए है।
आपसे आशा है कि इस पत्र को गंभीरता से लेकर ठेका कर्मचारियों के पक्ष में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
सादर,
भवदीय,
राम प्रताप सियाग
जिला अध्यक्ष, अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत)
जैसलमेर
दिनांक:
