
जयपुर में सहायक कर्मचारियों का गुस्सा अब सड़कों पर नजर आने लगा है। कर्मचारियों ने बकाया वेतन और नौकरी सुरक्षा को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
सूत्रों के अनुसार, कई कर्मचारियों को समय पर सैलरी नहीं मिली और कुछ को अचानक काम से हटा दिया गया, जिसके विरोध में आंदोलन शुरू हो गया है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इस आंदोलन का असर पूरे प्रदेश में देखने को मिल सकता है और अन्य जिलों के कर्मचारी भी इसमें शामिल हो सकते हैं।
👉 मुख्य मांगें:
✔ बकाया वेतन तुरंत जारी किया जाए
✔ नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
✔ कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा की जाए
⚠️ यह खबर हर सहायक कर्मचारी तक पहुंचनी चाहिए
राजस्थान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ
अध्यक्ष: रामप्रताप सियाग (जिला जैसलमेर)
सरकार से प्रमुख मांगें (मोहनलाल मीणा एवं संघ द्वारा समर्थित):
- वेतन विसंगति दूर करना: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18,000/- रुपये से बढ़ाकर सातवें वेतन आयोग के अनुसार उचित स्तर पर लाना।
- कैडर का पुनर्गठन: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद का नाम बदलकर ‘सहायक कर्मचारी’ (Office Assistant) करना और ग्रेड पे में सुधार।
- पदोन्नति के अवसर: लंबे समय से अटकी पदोन्नति प्रक्रियाओं को शुरू करना और 5, 10, 15 साल की सेवा पर समयबद्ध पदोन्नति देना।
- नई भर्ती और रिक्त पद: विभागों में खाली पड़े हजारों चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करना।
- पुरानी पेंशन योजना (OPS): सभी कर्मचारियों के लिए OPS का लाभ बिना किसी शर्त के सुनिश्चित करना।
- साइकिल भत्ते में वृद्धि: दशकों पुराने साइकिल भत्ते को वर्तमान महंगाई के अनुसार बढ़ाकर ‘वाहन भत्ता’ करना।
“कर्मचारी एकता जिंदाबाद – हमारी मांगें, हमारा अधिकार”
